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Sunday 19th of May 2019
ब्लॉगर मंच

बहुत कुछ सिखाया गुजरे साल के तजुर्बों ने

Rashi chaudhary

यह कहना सच नहीं होगा कि गुजरा हुआ साल आसान था। फ्रेशमैन 15 होने से लेकर ग्रेड में सुधार लाने के लिए परीक्षा के समय देर रात तक पढ़ने, और फिर उनींदी रातें एवं अवांछित रूप से तीव्र प्रतिक्रियाएं इस साल की फितरत रहीं। इसे घटनाप्रधान वर्ष ही कह सकते हैं। यह कहना भी झूठ ही होगा कि मुझे इन सब पर अफसोस नहीं है। मुझे इस बात का भी अफसोस है कि जब मुझे पढ़ना चाहिए था, तो मैं पार्टियों में शामिल होने बाहर जाती थी। मुझे इन बातों का भी खेद है कि मैं जिम खूब नहीं जा पाई और कक्षाओं में जितना चाहिए था मैं नहीं बोल सकी। मैंने भोजन भी अस्वास्थ्यकर ही किया।

इनमें से अधिकतर का मैंने अपने पहले वर्ष में अभ्यास किया। मैं समझती हूं कि तब से लेकर अब तक मैंने काफी लम्बी दूरी तय कर ली है। मैंने अपने कॉलेज में होने का मुख्य कारण समझ लिया और मेरा पूरा ध्यान ही बदल गया। मैंने पौष्टिक भोजन लेना शुरू किया, व्यायाम भी ज्यादा करने लगी, पढ़ाई भी अधिक की। मैं लोगों से संवाद भी कहीं ज्यादा करने लगी और बाहर निकलना काफी कम कर दिया। समय गुजरने के साथ मैं धन खर्च करने के मामले में भी बुद्धिमान हो गई। साथ ही मैं ज्यादा बुद्धिमत्तापूर्ण फैसले लेने लगी।

मेरा सेमेस्टर पूरी तरह अच्छा नहीं था। मैं कई चीजें बेहतर ढंग से कर सकती थी, लेकिन कुछ बेहतर करना, कुछ भी नया नहीं करने से कहीं अच्छा है। एक मशविरा तो मैं यह दे सकती हूं कि बाहर आने जाने और अध्ययन करने में संतुलन बिठाएं। मुझे इन दोनों में एक को चुनना था। मुझे अब भी ठीक से समझ नहीं आता कि सामाजिक सक्रियता और अध्ययनशील जीवन शैली में तालमेल कैसे बिठाया जाए।

एक कक्षा में दोबारा पढ़ना भी ठीक ही है। यदि आप समझते हैं कि आप दूसरी बार बेहतर कर सकते हैं। कभी कभी यह एक सही जगह हो सकती है, भले ही वह समय सही न हो। इसके लिए शर्मिंदा होने की जरूरत नहीं। क्योंकि हर व्यक्ति के चलने की रफ्तार एक जैसी नहीं होती। अपने समकक्ष लोगों से ज्यादा प्रभाव ग्रहण न करने की कोशिश करें। इस पूरी प्रक्रिया में अपनी व्यक्तिगत विशिष्टता बरकरार रखें।

आप संग साथ में समय गुजारने के लिए सही व्यक्ति का चुनाव सोच समझ कर करें। लेकिन आप तब तक किसी को सही ढंग से नहीं समझ पाएंगे, जब तक कि आप दूसरे सेमेस्टर में न पहुंच जाएं। आप क्या भोजन करते हैं, इस सम्बंध में भी सतर्क रहें। क्योंकि इस सम्बंध में बहकावे में आ जाने की काफी गुंजाइश रहती है।  व्यायाम करना भी न भूलें। कम से कम प्रतिदिन खूब पैदल चलें।

जानने के लिए तो बहुत कुछ है, लेकिन हर चीज अनुभव से ही सीखी जा सकती है। कुल मिला कर कहा जा सकता है  कि कुछ मित्र रहने जरूरी हैं, जो हमेशा आपका साथ दे सकें। वे यह भी समझने वाले हों कि मौज मस्ती कैसे की जाती है, लेकिन उन्हें यह ज्ञान भी होना चाहिए कि आपको सही दिशा में कैसे ले चलें।

कॉलेज में वही आपके स्वजन और परिजन हैं और आप उनके रूप में अपना कुटुम्ब चुन रहे होते हैं। अत: इस सम्बंध में बुद्धिमत्ता दिखाएं। मेरा पिछला साल मुकम्मल रूप से बढ़िया नहीं रहा, लेकिन मैं कई बेहतरीन लोगों से मिली और इस साल मैं इतना कुछ सीख पाई और समझदार हुई कि अब मैं यही महसूस करती हूं कि यहां से जाने की दिशा केवल एक ही है, वह है उन्नति की ऊपर जाती हुई दिशा।