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Sunday 19th of May 2019
शिक्षा जगत

प्रतियोगी परीक्षाओं की तरफ बढ़ा स्टूडेंट्स का रुझान

Tuesday, May 14, 2019 11:50 AM

जयपुर। आज के दौर में स्टूडेंट्स कॅरिअर मेंकिग के  लिए 12वीं के  बाद ही अलग-अलग प्रवेश परीक्षा और सरकारी नौकरी के लिए प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी को प्राथमिकता दे रहे है। इसके पीछे का मुख्य कारण यह है कि आज स्नातक और स्नातकोत्तर की पढ़ाई करने के बाद भी युवाओं को नौकरी नहीं मिल रही है। ऐसे में अधिकांश युवा 12वीं कक्षा पास करने के तुरंत बाद कॅरिअर के लिए अवेयर हो रहे है और आगे की पढ़ाई से पहले नौकरी की तरफ अधिक फोकस कर रहे है।

पहले होता था, अब नहीं
अगर आज के 5-7 साल पहले से तुलना की जाए तो 12वीं व 10वीं के बोर्ड एग्जाम के  बाद बच्चे अपनी समर वेकेशन्स को एंजाय करने नानी, मामा के घर, कुछ अपने मम्मी-पापा के पास, कुछ घूमने-फिरने तो कुछ समर कैंप में निकल जाया करते थे, लेकिन आज के स्टूडेंट्स की सोच तो अलग ही लेवल की है, एक भी दिन की बर्बादी करना बच्चों को कतई पसंद नहीं है। आज हॉबी क्लासेज भी सिर्फ हॉबी रखने वाले बच्चों के लिए ही रह गई। जबकि पहले ये, एक चलन था कि गर्मी क ी छुट्टी मतलब अपने पसंद की कोई एक चीज सीखना, लेकिन अब कुकिंग, डांस, स्वीमिंग क्लास सिर्फ  किताबों से या पढ़ाई से थोड़ा समय निकालकर सीख रहे हैं।

बढ़ती चिताएं
बच्चे अपने भविष्य को लेकर जितने जागरुक है, उतने ही रिश्ते-नातों, घर-परिवार से अनभिज्ञ। किसी भी चीज के लिए समय निकालना बहुत मुश्किल है। बच्चों के लिए पहले जहां ग्रीष्मावकाश आराम के लिए होता था। वह अब चिता से घिरा हुआ नजर आ रहा है।

कोचिंग क्लासेज की तरफ बढ़ता रूझान
सबसे ज्यादा एजुकेशन सेक्टर में बढ़ोत्तरी कोचिंग सेंटर्स की तरफ हो रही है। प्रतियोगी परीक्षाओं की लाखों वेकेन्सीज के लिए करोड़ों विद्यार्थियों के फॉर्म भरते है और उन सभी लोगों के नाम किसी न किसी शहर के कोचिंग सेंटर के रजिस्टर में भी दर्ज होता है।

स्कूल के बाद कॉलेज की पढ़ाई कहा से करें और किस विषय से करें, इस बात को लेकर विद्यार्थियों में सबसे अधिक असमंजस की स्थिति बनी हुई है। वहीं, प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कैसे की जाए ये जानने के लिए भी छात्र आज काउंसलर्स के पास आ रहे है।
-डॉ. दीपक सक्सेना, डायरेक्टर, विद्यार्थी
सूचना केन्द्र, आरयू, जयपुर