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Saturday 20th of July 2019
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15 शावकों का लालन-पालन

Thursday, May 09, 2019 11:25 AM

जयपुर। जयपुर चिड़ियाघर में राजस्थान का पहला न्यूनिटेल केयर सेंटर है, जहां वन क्षेत्रों में वन्यजीवों से बिछड़े शावकों को लाकर डॉक्टर्स की देखरेख में उनकी केयर की जाती है। अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस न्यूनिटेल केयर सेंटर में अब विभिन्न प्रजातियों के वन्यजीवों के शावकों की देखरेख की जा चुकी है। जयपुर चिड़ियाघर प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार अब तक विभिन्न प्रजातियों के करीब 15 वन्यजीव शावकों को यहां लाया जा चुका है।

जिसमें पैंथर, जरख, जंगल कैट आदि के शावक शामिल हैं। यहां सबसे पहले गलता घाटी से 10 दिन का पैंथर शावक लाया गया था, जिसे यहां कृष्णा नाम दिया गया। अब बड़ा होने पर उसे नाहरगढ़ जूलोजिकल पार्क में रखा गया है। इसके कुछ दिनों बाद ही सरिस्का टाइगर रिजर्व से 15 दिन की फिमेल जरख को लाया गया था, कुछ दिनों तक पैंथर और जरख शावक को एक साथ रखकर उनकी केयर की गई थी।

अब तक आई 6 जंगल कैट
जू प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार अब तक यहां कुल 6 जंगल कैट के शावकों को लाया जा चुका है। सबसे पहले अजमेर वन क्षेत्र में मां से बिछडे 3 जंगल कैट के शावकों को यहां लाया गया, जो केवल 5 दिनों के ही थे। वहीं अब कुछ दिनों पूर्व जमवारामगढ़ से 3 और जंगल कैट के शावकों को रेस्क्यू कर जयपुर चिड़ियाघर लाया गया है। इससे पूर्व सरिस्का टागइर से 3 हाइना शावक, नाहरसिंह बाबा मंदिर से एक पैंथर शावक और एक्सचेंज कार्यक्रम के तहत बिलासपुर से लाए गए लोमड़ी के 3 शावकों को भी जू लाया गया था।

जूलोजिकल पार्क में किया डिस्प्ले
जानकारी के अनुसार मां से बिछड़े शावकों के बड़े होने पर उन्हें नाहरगढ़ जूलोजिकल पार्क में प्रदर्शित कर दिया गया हैं। जहां वे जूलोजिकल पार्क विजिट करने आने वाले विजिटर्स को अपनी अठखेलियों से रोमांचित कर रहे हैं। पार्क में वे पूरी तरह से स्वस्थ हैं। इसके अतिरिक्त बिलासपुर जू से एक्सचेंज कार्यक्रम के तहत लोमड़ी के 3 शावकों को जयपुर जू लाया गया था, जहां न्यूनिटेल केयर में इनकी देखरेख करने के बाद बड़े होने पर शावकों को जूलोजिकल पार्क शिफ्ट कर दिया गया।