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Thursday 20th of June 2019
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असफलता से सीखकर सफलता का स्वाद चखा : कृष्ण भारद्वाज

Monday, June 03, 2019 11:40 AM
कृष्ण भारद्वाज (फाइल फोटो)

जयपुर। तेनालीरामा का किरदार मिलने के चार साल पहले से मेरे पास काम नहीं था। मेंटली, सोशली तौर पर बुरी स्थिति में था क्योंकि मुम्बई जैसी जगह पर रहे और आप कुछ ना करें तो यह ज्यादा दिनों तक चल नहीं सकता। उस वक्त थियेटर करके मैं लिखता था। इस वक्त में मेरे पास बहुत काम आया। फिर एक दिन तेनालीरामा मेरे हाथ आया।

इतनी कम उम्र में इतना बड़ा रोल किया, कुछ कहना चाहेंगे
नवज्योति के संग तेनालीरामा के मुम्बई स्थित सैट पर विशेष बातचीत में तेनाली का मुख्य किरदार निभा रहे कृष्ण भारद्वाज ने साफ तौर पर असफलता के दौर के बारे में बताकर कहा जो भी होता है आपकी बेहतरी के लिए होता है इस बात को मैंने समझा और इसके बाद हर चीज को पॉजिटिव तरीके से सोचकर आगे बढ़ता रहा। मैं रांची झारखण्ड के परिवार से बिलॉन्ग करता हूं। पापा मेरे हिन्दी में पीएचडी है, ताऊजी ने संस्कृत में डबल एमए किया था। पुरोहित फैमिली से हूं बचपन से घर में पंडितों की तरह पूजा-पाठ, मंत्रोच्चार वाला वातावरण मिला।

हनुमान चालीसा से दिन शुरु होता था, फिर दुर्गासप्तशती पढ़ना तो ये सब चीजें बचपन से याद हो गई थी। शायद ये चीज इन चार सालों में मेरी प्रिपरेशन के तौर पर काम आई। फर्स्ट डे मेरा शूट था जिसमें काली मां प्रगट होती है उस दिन मुझे बहुत सारे श्लोक व मंत्रोच्चारण बोलने पड़े। प्रॉब्लम नहीं आई क्योंकि बचपन में एक गलत वर्ड बोलने पर पापा का थप्पड़ पड़ता था कि सहीं बोलो। इसलिए सब श्लोक सहीं सहीं बोलकर मेरी राह आसान बन गई।

प्यारवाली कैमिस्ट्री आपके साथ सीरियल में कोई बनी

तेनालीरामा में प्यार वाली कैमिस्ट्री अपनी पत्नी संग बनाता इसके पहले की मेरी पहली वाली वाइफ रिप्लेस होकर नई आ गई। वक्त नहीं मिला इन सबका। वैसे सच कहूं तो पहली वाली पत्नी प्रियंवदा से मेरी बहुत अच्छी कैमिस्ट्री थी। दूसरी पत्नी नेहा का काम भी ठीक है, उसने भी काफी मेहनत की है अपने रोल पर लेकिन रिप्लेस होने के कारण पहले वाली बात नहीं हो पाती है क्योंकि अभिनेता पर उस चीज का प्रेशर पड़ता है। पर्सनल कैमिस्ट्री तो हमारी नहीं बनेगी क्योंकि मैं रियल लाइफ में थोड़ा बोरिंग इंसान हूं। बहुत कम बोलता हूं, पार्टीज नहीं करता, लोगों से बात भी नहीं करता ज्यादा।

तेनालीरामा से आपने क्या सीखा
अपने लुक के बारे में बताना चाहूंगा कि कॉस्टयूम पहनकर किरदार निभाने के कारण लोग कहते हैं इस रोल के लिए आप ही फिट है। इससे पहले मैं कैसा दिखता था इससे उनको कोई मतलब नहीं है। मैं कहना चाहूंगा कि तेनालीरामा जैसा बहुत बुद्धिमान इंसान मैं नहीं हूं इस रोल को करने के लिए मैंने बहुत मेहनत की है। उनका आईक्यू लेवल, प्रजेंस आॅफ माइन, सेंस आॅफ हयूमर, सोचने का तरीका, बातचीत करते करते लोगों को हंसाना, ऐसा मेरे अंदर बिल्कुल नहीं है। लेकिन इन कुछ सालों में उनकी सारी खूबियां मुझमें धीरे धीरे आ रही है।

इसकी वजह से मैंने लाइफ को बढ़िया जीना सीख लिया है और मैं हरदम खुश रहता हूं। मेरी डाइट अच्छी हो गई है खुद को भाग्यशाली मानता हूं कि याद करके, रट्टा मारके सहीं खुद को बदलकर नया आदमी बनाया तो सहीं। इन आदतों को सीखकर अब मैं बहुत ज्यादा खुश रहता हूं।