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Sunday 15th of September 2019
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स्कूलों में बढ़ रही है काउंसलिंग की जरूरत

Tuesday, June 11, 2019 13:35 PM

जयपुर। बदलते शिक्षा व्यवस्था के चलते बच्चों की सोच को और अधिक विकसित करने की जरूरत है। इसके लिए बच्चों को स्कूलों में पढ़ाई के साथ ही बेहतर परामर्श की आश्यकता पड़ती है, लेकिन अधिकांश निजी स्कूल प्रशासन इस तरफ कोई ध्यान नहीं देते है और स्कूल स्तर पर खानापूर्ति करते रहे हैं। वैसे स्कूल में काउंसलिंग सेल या परामर्श केन्द्र तो स्थापित किया जाता है, लेकिन वहां पर अच्छे काउंसलर की कोई भी व्यवस्था नहीं होती है। ऐसे में स्कूल स्तर पर अधिकांश बच्चों को सही काउंसलिंग नहीं मिल पाती है, जिससे उनके दिमाग में कार्य करने पूरी क्षमता विकसित नहीं हो पाती है। जिसका खामियां बच्चों को स्कूल स्तर की पढ़ाई पूरी करने के बाद जब वह कॉलेज में आगामी उच्च शिक्षा के लिए प्रवेश लेता है तो उस बच्चों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है और वे आगे की पढ़ाई को लेकर असमंजस में रहता है।

नहीं ले पाते निर्णय
प्रदेश के जयपुर, अजमेर सहित अन्य शहरों की युवा पीढ़ी अपने निर्णय लेने में सक्ष्म नहीं हो पा रहे है। इसका मुख्य कारण यह है कि उनको स्कूल स्तर पर अच्छा परामर्श नहीं मिल रहा है।

पढ़ाई के बोझ तले युवा पीढ़ी
बात सिर्फ तरीके की हैं। आज भी ऐसे कई स्कूल है जिनमें सही तरीके से पढ़ाई तो कराई जाती है पर अतिरिक्त कार्य की तरफ ध्यान नहीं दिया जाता। बच्चों को पढ़ाई के बोझ तले इतना दबा दिया जाता है कि छोटी उम्र में ही उनके स्वभाव में नकारात्मकता आ जाती है। उधर, राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष पी.एस.वर्मा ने कहा कि स्कूलों में प्रोफेशनल काउंसलर की व्यवस्था होनी चाहिए। यदि ऐसा नहीं हो सकता तो उनको प्रोफेशनल का एक सत्र आयोजित करना चाहिए, जिससे बच्चों की सोचने की क्षमता विकसित हो सकें।