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Sunday 21st of July 2019
ओपिनियन

अमेरिका ने पाकिस्तान की नींद उड़ाई

Tuesday, July 09, 2019 11:35 AM
दाउद इब्राहिम (फाइल फोटो)

पाकिस्तान की बदनाम गुप्तचर एजेंसी आईएसआई का वह पालतू आतंकवादी है, पाकिस्तान ने भारत में दंगे कराने, अपराध कराने के लिए दाउद इब्राहिम को एक हथकंडे के तौर पर इस्तेमाल करता है। जब-जब भारत दाउद की आतंकवादी हिंसा, दाउद इब्राहिम के नशे के व्यापार आदि के खिलाफ कूटनीतिक आवाज बुलंद करता है और पाकिस्तान की घेराबंदी करता है तब-तब पाकिस्तान उसी तरह का झूठ बोलता रहा है। अंडरवर्ल्ड माफिया दाउद इब्राहिम को लेकर अमेरिका जिस तरह से सक्रिय हुआ है, अमेरिका जिस तरह उसकी घेराबंदी कर रही है, अमेरिका दाउद इब्राहिम के नेटवर्क को जिस प्रकार से भेदने की तैयारी कर रहा है, उससे पाकिस्तान की न केवल परेशानी बढ़ी है, बल्कि पाकिस्तान दुनिया के सामने पूरी तरह से बेनकाब होने के कगार पर पहुंच गया है, अब उसके माथे पर ओसामा बिन लादेन के कलंक के बाद दाउद इब्राहिम का कलंक भी लगने वाला है। अब अमेरिका किसी भी प्रकार की ढील देने के लिए तैयार नहीं है, अमेरिका अब सीधे तौर पर दाउद इब्राहिम के सभी सपर्कों और संरक्षकों पर धावा बोलने की सभी रणनीतियां शुरू कर दी है। इसलिए कि दाउद इब्राहिम अब सिर्फ भारत का भगोड़ा आतंकवादी ही नहीं है, बल्कि वह आतंकवाद और नशे के व्यापार के आरोप में अमेरिका सहित अन्य देशों का भी अपराधी है। कौन नहीं जानता कि दाउद इब्राहिम पाकिस्तान में छिपकर आतंकवाद और मादक पदार्थों का व्यापार कर रहा है, दाउद इब्राहिम ने पाकिस्तान में रहते हुए अपनी बेटी की शादी क्रिकेटर जावेद मियांदाद के बेटे के साथ की थी। पाकिस्तान में दाउद इब्राहिम पूरी शानो-शौकत के साथ रहता है। जिस प्रकार से अलकायदा के सरगना ओसामा बिन लादेन पाकिस्तान की सैनिक छावनी में रहकर आतंकवाद का आउटसोर्सिंग कर रहा था और आतंकवाद की मानसिकता का प्रसार कर रहा था उसी तरह दाउद इब्राहिम भी पाकिस्तान में रहकर भारत के खिलाफ  हिंसा और घृणा के आतंकवाद में सक्रिय है। अब तो वह अमेरिका का भी अपराधी बन बैठा है।

पाकिस्तान की बदनाम गुप्तचर एजेंसी आईएसआई का वह पालतू आतंकवादी है, पाकिस्तान ने भारत में दंगे कराने,अपराध कराने के लिए दाउद इब्राहिम को एक हथकंडे के तौर पर इस्तेमाल करता है। जब-जब भारत दाउद की आतंकवादी हिंसा, दाउद इब्राहिम के नशे के व्यापार आदि के खिलाफ कूटनीतिक आवाज बुलंद करता है और पाकिस्तान की घेराबंदी करता है तब-तब पाकिस्तान उसी तरह का झूठ बोलता रहा है जिस तरह का झूठ वह अलकायदा सरगना ओसामा बिन लादेन को लेकर बोलता था। ओसामा बिन लादेन पाकिस्तान में ही मारा गया था। अमेरिका ने एक अति गोपनीय सैनिक अभियान में ओसामा बिन लादेन को पाकिस्तान की एक सैनिक छावनी के समीप मार गिराया था। फिर भी पाकिस्तान आतंकवाद को लेकर दुनिया के सामने बार-बार झूठ बोलता रहा है, आतंकवाद नियंत्रण के नाम पर दुनिया से पैसे ऐंठता रहा है। ध्यान यह भी रखा जाना चाहिए कि दाउद इब्राहिम को संयुक्त राष्ट्र संघ ने अंतर्राष्ट्रीय आतंकवादी घोषित कर रखा है। जाबिर मोती पाकिस्तान और दाउद के लिए काल बन गया है। जाबिर मोती की पहचान दाउद इब्राहिम के साथ जुड़ी हुई हैं। जाबिर मोती के संबंध में कहा जाता है कि वह दाउद इब्राहिम के न केवल खास रहा है बल्कि दाउद इब्राहिम के आतंकवाद और घृणा के व्यापार का नियंत्रक रहा है, रणनीतिकार रहा है। दाउद इब्राहिम ने आतंकवाद और मादक पदार्थों के व्यापार से जो धन अर्जित किया है उसका एक बड़ा भाग जाबिर मोती के कब्जे में हैं। चूंकि दाउद इब्राहिम भारत का भगोड़ा आतंकवादी है और पाकिस्तान का नागरिक नहीं है, इसलिए वह अपराध के माध्यम से अर्जित धन का मालिक नहीं हो सकता है। पाकिस्तान में वह अपने नाम या फिर अपने रिश्तेदारों के नाम सम्पत्ति दर्ज नहीं करा सकता है। इसीलिए वह मोहरों के नाम पर अपराध के माध्यम से अर्जित सम्पत्ति रखता है। जाबिर मोती उसका एक मोहरा ही है। जाबिर मोती के संबंध में एफबीआई ने महत्वपूर्ण खुलासे किए हैं, एफबीआई के खुलासे चौकाने वाले हैं और पाकिस्तान की झूठ को बेनकाब करने वाले हैं। अब यहां यह प्रश्न उठता है कि एफबीआई के खुलासे क्या है? एफबीआई का खुलासा है कि जाबिर मोती कभी एक साधारण आदमी था, वह गरीब घर का था, उसकी अपनी कोई हैसियत नहीं थी। गरीबी के कारण वह अंडरवर्ल्ड माफिया और आतंकवादी सरगना दाउद इब्राहिम का मोहरा बन गया। धीरे-धीरे वह दाउद इब्राहिम के मादक द्रव्यों के व्यापार का चीफ  बन गया। अब उसकी गिनती पाकिस्तान के धनी लोगों में होती हैं।

पाकिस्तान और दाउद इब्राहिम का दुर्भाग्य यह रहा कि जाबिर मोती एकाएक एफबीआई के निशाने पर आ गया। संयुक्त राष्ट्र संघ ने जैसे ही दाउद इब्राहिम को अंतर्राष्ट्रीय आतंकवादी घोषित किया था वैसे ही अमेरिका की जांच एजेंसी एफबीआई ने दाउद इब्राहिम को अपने निशाने पर ले लिया था। दाउद इब्राहिम की पूरी हिंसक गिरोहबाजी एफबीआई की जांच के घेरे में थी। दाउद इब्राहिम तो सामने आता नहीं है। इसलिए दाउद इब्राहिम की गिरोहबाजी पर ही नजर टिकनी थी। एफबीआई को जानकारी हासिल हुई कि जाबिर मोती ब्रिटेन में है और ब्रिटेन में धीरे-धीरे निवेश करने की योजना पर कार्य कर रहा है। ब्रिटेन में वह गुमनाम ठिकाना बना चुका है, ब्रिटेन में रहने वाले पाकिस्तानी मूल के लोगों के बीच आतंकवाद और घृणा की मानसिकता पसारने के हथकंडे पर काम कर रहा है। एफबीआई की सूचना पर ब्रिटेन में कार्यवाही है। स्काटलैंड यार्ड पुलिस ने एक बड़ी गोपनीय अभियान में जाबिर मोती को गिरफ्तार कर लिया। जाबिर मोदी अभी ब्रिटेन की जेल में बंद है और उस पर प्रत्यर्पण की अमेरिकी तलवार लटक रही है। एफबीआई ने जाबिर मोदी और दाउद इब्राहिम की साथ-साथ एक तस्वीर भी जारी की है।अमेरिका हर हाल में दाउद इब्राहिम की आतंकवाद व मादक द्रव्यों के व्यापार को कुचलना चाहता है। दाउद इब्राहिम तक पहुंचने में जाबिर मोती एक माध्यम बन सकता है।

(ये लेखक के अपने विचार हैं)