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Friday 26th of April 2019
भारत

50 प्रतिशत वीवीपैट के लिए सुप्रीम कोर्ट जाएंगे विपक्ष दल

Monday, April 15, 2019 11:55 AM
विपक्ष दलों की संयुक्त प्रेस वार्ता

नई दिल्ली। संयुक्त विपक्ष ने चुनाव आयोग पर पारदर्शी तरीके से काम नहीं करने का आरोप लगाते हुए रविवार को कहा कि लोकसभा चुनावों में इस्तेमाल होने वाली कम से कम 50 प्रतिशत इलेक्ट्रोनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) का मिलान वीवीपैट से कराने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया जाएगा।

तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) प्रमुख और आन्ध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चन्द्रबाबू नायडू ने विपक्ष के नेताओं की एक बैक ‘लोकतंत्र बचाओ’ के बाद संवाददाताओं से कहा कि 21 विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग से कम से कम 50 प्रतिशत ईवीएम का मिलान वीवीपैट मशीनों से कराने को कहा है।इससे मतदान की विश्वसनीय बनी रह सकेगी।

उन्होेंने कहा, ‘‘अगर  ईवीएम और वीवीपैट की गणना में अंतर हो तो वीवीपैट पर्चियों को अंतिम माना जाना चाहिए।’  बैठक में कम से कम छह विपक्षी दलों ने शिरकत की। दलों ने ईवीएम पर सवाल उठाते हुए बैलट पेपर से वोटिंग की वकालत की। उधर, भाजपा ने विपक्ष की इस बैठक को हार स्वीकार करने वाला बताया है। बैठक के बाद टीडीपी अध्यक्ष चंद्रबाबू नायडू और कांग्रेस के अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि हम ईवीएम का मुद्दा लेकर फिर से सुप्रीम कोर्ट जाएंगे।

नायडू शनिवार को भी ईवीएम में गड़बड़ी की शिकायत लेकर चुनाव आयोग पहुंचे थे। उनका आरोप था कि आंध्र प्रदेश में गुरुवार को पहले चरण की वोटिंग के दौरान 4 हजार से ज्यादा ईवीएम में खराबी आई थी। रविवार को उन्होंने कहा, ‘हम ईवीएम के मुद्दे पर फिर  से सुप्रीम कोर्ट जाएंगे। बहुत कम देश हैं जो ईवीएम का इस्तेमाल कर रहे हैं। अगर हमें वोटर्स का विश्वास जीतना है तो बैलट पेपर का इस्तेमाल करना होगा।

ईवीएम के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएंगे
कांग्रेस की ओर से वरिष्ठ नेता अभिषेक मनु सिंघवी और पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल शामिल हुए। सिंघवी ने कहा, पहले चरण के चुनाव के बाद ईवीएम पर सवाल उठे हैं, हमें नहीं लगता कि चुनाव आयोग इसपर पर्याप्त ध्यान दे रहा है। अगर आप पार्टी को वोट देते हैं तो वोटपार्टी को जाता है। वीवीपैट में भी पर्ची 7 सेकंड की जगह केवल 3 सेकंड दिखती है। उन्होंने कहा, लाखों वोटरों के नाम बिना-जांच पड़ताल किए ऑनलाइन हटा दिए गए। चुनाव आयोग को पार्टियों ने लंबी लिस्ट सौंपी है। अब यह और जरूरी हो गया है कि कम से कम 50 फीसदी वीवीपैट ट्रेल का वोटों से मिलान किया जाए। हम इसके लिए सुप्रीम कोर्ट जाएंगे और राष्ट्रभर में इसके खिलाफ आंदोलन करेंगे।

ईवीएम के खिलाफ विपक्ष एकजुट
आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री चंदबाबू नायडू ने कहा कि तेलंगाना में 15 लाख  मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं और आयोग ने इसे स्वीकार किया है लेकिन कुछ भी करने में असमर्थता व्यक्त की है। ईवीएम पर विपक्ष की मांग नई नहीं है। दुनिया के कुल 191 देशों में से केवल 18 देश इसका इस्तेमाल करते हैं। इनका इस्तेमाल संदेह से परे नहीं है।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल केवल एक पार्टी वीवीपैट का विरोध करती हैं क्योंकि गड़बड़ियों से उसे फायदा होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि ईवीएम मशीनों को केवल एक पार्टी के अनुरूप बनाया गया है। प्रत्येक खराब मशीन का मत भाजपा के पक्ष में क्यों जाता है?


हार स्वीकार कर चुका है महागठबंधन
भाजपा ने महागठबंधन की बैठक पर तंज कसते हुए कहा कि तथाकथित गठबंधन को हार का डर सता रहा है। बीजेपी नेता जीवीएल नरसिम्हा ने कहा कि दिल्ली में जो तथाकथित विपक्षी दलों की बैठक हुई है वह महागठबंधन की हार स्वीकार करने वाली बैठक है उन्होंने कहा कि यह साफ है कि महागठबंधन के पास न तो कई गर्वनेंस का अजेंडा है और न लोगों को बताने के लिए कोई लीडरशिप है।

कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी का कहना है कि लाखों वोटरों के नाम बिना फिजिकल वेरिफिकेशन के हटा दिए गए हैं। पार्टियों ने इसकी लंबी लिस्ट चुनाव आयोग को सौंपी है। अब यह जरूरी हो गया है कि कम से कम 50 फीसदी वीवीपीएटी पर्चियों का मिलान हो। हम सुप्रीम कोर्ट से यह मांग करेंगे।