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Thursday 22nd of August 2019
भारत

देश को नई ऊंचाइयों को पार करना है, विश्व में अपना स्थान बनाना है: नरेन्द्र मोदी

Thursday, August 15, 2019 07:55 AM
लाल किले से राष्ट्र को संबोधित करते प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 73वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले पर तिरंगा फहराया, इसके बाद उन्होंने लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित किया। मोदी ने कहा कि आज जब देश आजादी का पर्व मना रहा है उसी समय देश के अनेक भागों में अति वर्षा, बाढ़ के कारण लोग कठिनाइयों से जूझ रहे हैं। कई लोगों ने अपने स्वजन खोये हैं, मैं उनके परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट करता हूं

उन्होंने कहा कि अगर 2014 से 2019 आवश्यकताओं की पूर्ति का दौर था तो 2019 के बाद का कालखंड देशवासियों की आकांक्षाओं की पूर्ति का कालखंड है, उनके सपनों को पूरा करने का कालखंड है। इस चुनाव में मैंने देखा था और उस समय कहा भी था कि इस चुनाव में ना कोई नेता, ना मोदी और न कोई मोदी का साथी चुनाव लड़ रहा है, बल्कि 130 करोड़ देशवासी अपने सपनों के लिए चुनाव लड़ रहे थे। भारत के उज्ज्वल भविष्य के लिए हमें गरीबी से मुक्त होना ही है और पिछले 5 वर्षों में गरीबी कम करने की दिशा में, गरीबों को गरीबी से बाहर लाने की दिशा में बहुत सफल प्रयास हुए हैं।

मोदी ने कहा कि देश को नई ऊंचाइयों को पार करना है, विश्व में अपना स्थान बनाना है और हमें अपने घर में ही गरीबी से मुक्ति पर बल देना है और ये किसी पर उपकार नहीं है। उन्होंने कहा कि जो लोग इसकी वकालत करते हैं उनसे देश पूछता है अगर ये धारा 370 इतनी महत्वपूर्ण थी तो 70 साल तक इतना भारी बहुमत होने के बाद भी आप लोगों ने उसे स्थायी क्यों नहीं किया। धारा 370 को हटाने के लिए हर कोई प्रखर रूप से समर्थन देता रहा लेकिन राजनीति के गलियारों में चुनाव के तराजू से तौलने वाले कुछ लोग 370 के पक्ष में कुछ कहते रहे हैं। 10 हफ्ते के भीतर अनुच्छेद 370, 35(A) का हटना, सरदार पटेल के सपनों को साकार करने की दिशा में अहम कदम है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज जब हम आजादी का पर्व को मना रहे हैं तब देश की आजादी के लिए अपना जीवन देने वाले, जवानी जेल में काटने वाले, फांसी के फंदे को चूम लेने वाले, सत्याग्रह के माध्यम से आजादी के स्वर भरने वाले, सभी बलिदानियों, त्यागी-तपस्वियों को मैं नमन करता हूं। ‘सबका साथ, सबका विकास’ का मंत्र लेकर हम चले थे लेकिन 5 साल में ही देशवासियों ने ‘सबका विश्वास’ के रंग से पूरे माहौल को रंग दिया। ये ‘सबका विश्वास’ ही 5 साल में पैदा हुआ, जो आने वाले 5 वर्षों में हमें देशवासियों की सेवा के लिए प्रेरित करेगा।

उन्होंने कहा कि किसानों और छोटे व्यापारियों को 60 वर्ष की आयु के बाद आर्थिक सहारा देने के लिए पेंशन का प्रावधान किया गया है। जल संकट से निपटने के लिए, केन्द्र और राज्य सरकार मिलकर योजनाएं बनाएं, इसके लिए एक अलग जल शक्ति मंत्रालय का गठन किया गया है।