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Thursday 19th of September 2019
भारत

'चलो आत्मकुरु' कार्यक्रम विफल करने के लिए चंद्रबाबू नायडू नजरबंद

Wednesday, September 11, 2019 13:40 PM
पार्टी नेताओं व कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए चंद्रबाबू नायडू

विजयवाड़ा। तेलुगू देशम पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के 'चलो आत्मकुरु' कार्यक्रम को विफल करने के लिए बुधवार को उन्हें नजरबंद कर दिया गया है जिसके विरोध में वह एक दिन के अनशन पर बैठ गए हैं। नायडू के ताडेपल्ली स्थित निवास पर गुंटूर (शहरी) के पुलिस अधीक्षक रामाकृष्णा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। पुलिस ने उनके निवास को चारों ओर से घेर रखा है और उन्हें घर से बाहर नहीं निकलने दे रही है। 

तेदेपा नेताओं का कहना है कि नायडू किसी भी कीमत पर आज आत्मकुरु के लिए रवाना होंगे। तेदेपा नेता और कार्यकर्ता उनके निवास पर एकत्रित हो गए हैं। तेदेपा नेताओं ने बताया कि नायडू अपनी नजरबंदी और पार्टी के नेताओं को विभिन्न स्थानों पर हिरासत में लिए जाने के खिलाफ अनशन पर बैठ गए हैं।

नायडू ने पार्टी नेताओं के साथ बुधवार सुबह टेलीकांफ्रेंस के जरिये बातचीत में पुलिस कार्रवाई को अलोकतांत्रिक और मनमाना तथा विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश बताया। पुलिस ने कुछ नेताओं को एहतियातन हिरासत में लिया है तथा कुछ को नजरबंद कर दिया गया है। नायडू से मिलने जाने के दौरान पुलिस ने विधायक के अचेननायडू और नन्नापनेनी राजाकुमारी को गिरफ्तार कर लिया तथा मंगलागिरि थाने ले गयी।

पूर्व मंत्री भूमा अखिला प्रिया और पुलिस के बीच आज एक होटल में तेज बहस हुई। पुलिस ने उन्हें अपने कमरे से बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी जिसके कारण वह पुलिस से उलझ गईं। पूर्व मंत्री डी. उमामहेश्वर राव, पी पुल्ला राप, एन आनंद बाबू और कई अन्य नेताओं को भी विभिन्न स्थानों पर हिरासत में ले लिया गया है। इस बीच आत्मकुरु गांव में पालनेडु क्षेत्र में स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जहां आज विरोध-प्रदर्शन और जनसभा होने वाली थी। गांव में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। 

गौरतलब है कि तेदेपा ने आत्मकुरु में पार्टी कार्यकर्ताओं पर सत्तारूढ़ वाईएसआरसीपी कार्यकर्ताओं के कथित हमलों के विरोध में 'चलो आत्मकुरु' कार्यक्रम का आह्वान किया था। सत्तारूढ दल ने भी ऐसा ही आह्वान किया था जिसके बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति पैदा हो गयी। पुलिस ने वाईएसआरसीपी कार्यकर्ताओं को विरोध-प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी है।