Dainik Navajyoti Logo
Thursday 17th of October 2019
दुनिया

सुस्ती के दौर में दुनिया की 90 फीसदी अर्थव्यवस्था, भारत पर भी असर : IMF चीफ

Wednesday, October 09, 2019 19:15 PM
फाइल फोटो।

वॉशिंगटन। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने आर्थिक सुस्ती को लेकर चेतावनी जारी की है। आईएमएफ ने कहा है कि देशों के बीच व्यापार विवाद (ट्रेड वॉर) वैश्विक अर्थव्यवस्था को कमजोर कर रहे हैं। आईएमएफ की प्रबंध निदेशक के तौर पर अपने पहले संबोधन में क्रिस्टलीना जॉर्जिवा ने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर दशक के सबसे निचले स्तर पर आने की आशंका है। उन्होंने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में आर्थिक सुस्ती के कारण 90 फीसदी देशों की ग्रोथ रेट सुस्त रहेगी। तेजी से उभरती अर्थव्यवस्था के कारण भारत में सबसे ज्यादा इसका असर देखा जाएगा।

जॉर्जिवा ने कहा कि भारत और ब्राजील जैसी बड़ी उभरती अर्थव्यवस्थाओं में नरमी का असर अधिक ही देखने को मिल रहा है। चीन की आर्थिक वृद्धि दर भी धीरे-धीरे गिर रही है। उन्होंने कहा कि शोध दिखाते हैं कि व्यापार विवादों का प्रभाव व्यापक है और देशों को अर्थव्यवस्था में नकदी डालने के साथ एकरूपता से प्रतिक्रिया करने के लिए तैयार रहना चाहिए। जॉर्जिवा ने कहा कि करीब 40 उभरती और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं में वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर 5 प्रतिशत से अधिक रहेगी। जॉर्जिवा ने कहा कि अमेरिका और जर्मनी में बेरोजगारी की दर ऐतिहासिक निचले स्तर पर है। इसके बाद भी अमेरिका और जापान समेत यूरोप की विकसित अर्थव्यवस्थाओं में आर्थिक गतिविधियों में नरमी देखने को मिल रही है।

जॉर्जिवा ने कहा कि आईएमएफ चालू और अगले वर्ष के लिए अपने वृद्धि दर अनुमान को घटा रहा है. हालांकि इसके आधिकारिक संशोधित आंकड़े वह 15 अक्टूबर को जारी करेगा। पहले आईएमएफ ने 2019 में वैश्विक वृद्धि दर 3.2 प्रतिशत और 2020 में 3.5 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया था। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि दुनिया की अर्थव्यवस्था के सामने एक और बड़ी चुनौती जलवायु परिवर्तन है। इसके समाधान के लिए उन्होंने कार्बन कर बढ़ाए जाने का आह्वान भी किया।

आईएमएफ और वर्ल्ड बैंक की एक हफ्ते के बाद ही संयुक्त सालाना बैठक होने वाली है जिसमें दोनों संस्थाएं अपने आर्थ‍िक अनुमान पेश करेंगी। इसमें दुनिया के शीर्ष केंद्रीय बैंकर और वित्त मंत्री शामिल होंगे। आईएमएफ प्रमुख ने चेतावनी दी है कि 2019 और 2020 के लिए वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक एक जटिल हालात पेश करते हैं।

बता दें कि बुल्गारिया की जॉर्जिवा जनवरी 2017 से विश्व बैंक की मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) रही हैं। वे इसी साल एक फरवरी से आठ अप्रैल तक विश्व बैंक समूह की अंतरिम अध्यक्ष रही थीं।