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Monday 22nd of July 2019
जयपुर

चुनाव को प्रभावित करने वाले समाचारों के प्रसारण से हो सकती है दो साल की जेल

Sunday, April 14, 2019 11:25 AM
कॉन्सेप्ट फोटो

जयपुर। अगर कोई भी चैनल या आकाशवाणी और दूरदर्शन पर लोकसभा चुनावों को प्रभावित करने वाले समाचारों का प्रसारण करेगा, तो जिम्मेदार व्यक्ति को दो साल की जेल भी हो सकती है।  भारत निर्वाचन आयोग ने मतदान समाप्ति से 48 घंटे पूर्व तक प्रसारण संबंधी गाइडलाइन जारी की है। इसके तहत कोई भी चैनल मतदान समाप्ति के 48 घंटे पहले तक चलचित्र, टीवी अन्य उपकरणों से निर्वाचन की बात का प्रदर्शन नहीं होगा। निर्वाचन परिणाम पर असर करने वाली बात का प्रसारण न हो। इसका उल्लंघन करने पर दो वर्ष तक जेल या जुर्माना या दोनों का दंड मिलेगा। इसमें ओपिनियन पोल, वाद-विवाद के परिणामों विश्लेषण विजुअल एण्ड साउंड बाइट्स का प्रदर्शन भी शामिल है।

वोटिंग शुरू होने से समाप्ति के आधा घंटे बाद प्रसारण नहीं  हो सकेगा, वहीं एग्जिट पोल भी प्रसारित नहीं होगा। निर्वाचन के दौरान अभ्यर्थी पार्टी या घटना पर अतिशयोक्ति पूर्ण रिपोर्ट वर्जित है। चैनल्स में प्रसारित की जाने वाली न्यूज में अभ्यर्थी द्वारा विरोधी पर आक्षेप लगानेवाला बिंदु न होना चाहिए। किसी धर्म, संप्रदाय जाति आधारित वोट मांगते हुए प्रचार करना पूर्णत:वर्जित है। अभ्यर्थी के आचरण या उसके निजी चरित्र पर गलत टिप्पणी नहीं की जा सकेगी। कोई भी चैनल वित्तीय या अन्य आर्थिक प्रलोभन स्वीकार नहीं करेगा।

विशेष अभ्यर्थी या दल के प्रचार में शामिल नहीं होगा। समाचार प्रसारक राजनीतिक और वित्तीय दबाव से बचेंगे।  इसी प्रकार अफवाह, निराधार अटकलबाजी संबंधी प्रचार नहीं करेंगे। कोई भी चैनल या उनके संवाददाता और अधिकारी प्रलोभन के शिकार नहीं होंगे। घृणा पूर्ण भाषण या आपत्तिजनक अंश का प्रसार नहीं करेंगे। पेड विज्ञापन या पेड सामग्री का प्रचार नहीं करेंगे। आयोग की ओर से जारी गाइडलाइन का उल्लंघन करने पर उसकी शिकायत एनबीसी को होगी।