Dainik Navajyoti Logo
Thursday 17th of October 2019
जयपुर

नीट काउंसलिंग में गफलत को लेकर हाईकोर्ट में याचिका

Wednesday, August 14, 2019 12:25 PM
अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करते हुए छात्र-छात्राएं और अभिभावक।

जयपुर। नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (नीट) काउंसलिंग तीसरे मॉपअप राउंड के साथ सम्पन्न हो चुका है, लेकिन काउंसलिंग में गफलत का विवाद थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। मंगलवार को तीसरे दिन भी एसएमएस मेडिकल कॉलेज के बाहर नीट रैंक प्राप्त कर चुके छात्रों और उनके अभिभावकों का विरोध जारी रहा। इस दौरान अभिभावकों ने काउंसलिंग में गफलत के मामले को लेकर हाईकोर्ट में याचिका लगाई और कॉलेज के बाहर क्रमिक अनशन करते हुए धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों ने कॉलेज प्रशासन, चिकित्सा शिक्षा विभाग और राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की तथा ऑनलाइन द्वितीय व मॉपअप राउंड को निरस्त करके फिर से नीट की काउंसलिंग करवाने की मांग की है। इस दौरान अभिभावकों ने नीट काउंसलिंग में अपने लोगों को फायदा पंहुचने का आरोप लगाया। साथ ही कॉलेज प्रशासन पर अनुसूचित जाति, जनजाति और ओबीसी की रिक्त सीटों को डिस्प्ले नहीं करने का भी आरोप लगाया तथा न ही वर्गवार सूची बनाई गई, जो नियमों के विरूद्ध है। इस मामले को लेकर मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. सुधीर भण्डारी का कहना है कि राज्य सरकार जो नियम बनाती है, उन्हें ही फॉलो करते हैं, इसमें हमारी किसी प्रकार की त्रुटि नहीं है। वहीं मेडिकल कॉलेजों में काउंसलिंग की प्रक्रिया पूरी हो गई है। इस प्रक्रिया के माध्यम से प्रदेशभर के 23 मेडिकल कॉलेजों में खाली 705 सीटें भी लगभग भर गई हैं।
 
द्वितीय राउंड ऑनलाइन के साथ ही गड़बड़ियां
अभिभावक डॉ. राज शेखर यादव ने कहा कि नीट काउंसलिंग में द्वितीय राउंड ऑनलाइन के साथ ही गड़बड़ियां शुरू हो गई, जिसका खामियाजा बच्चों के साथ अभिभावकों को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि जब हर साल यह राउंड ऑफलाइन करवाया जाता था, लेकिन काउंसलिंग आयोजकों ने अपनी मनमानी करने के लिए इस प्रक्रिया को ऑनलाइन करवाया। इसके बाद मॉपअप राउंड में आयोजकों ने पूरी मनमानी जमकर की। धरने पर बैठे बच्चों और अभिभावकों ने बारिश में विरोध जारी रखा।

कम रैंक वाले छात्रों को बेहतर सीट
नीट अभ्यर्थी उज्ज्वल मित्तल, कशिश मित्तल, रिद्धि मिश्रा और नताशा चौधरी ने कहा कि काउंसलिंग में गफलत होने से हम से कम रैंक वाले छात्रों को एसएमएस सहित अन्य कॉलेजों में बेहतर सीटें मिली हैं, जबकि हमें अच्छी कॉलेजों में सीटें नहीं मिली। उन्होंने कहा कि अब हमने सरकार से मांग की है कि द्वितीय व मॉपअप राउंड की काउंसलिंग फिर से करवाई जाए, जिससे की हम जैसे प्रदेशभर के प्रतिभाशाली मेडिकल छात्रों के साथ न्याय हो सके।