Dainik Navajyoti Logo
Sunday 21st of July 2019
जोधपुर

स्टाफिंग पैटर्न में अधिशेष शिक्षकों की काउंसलिंग, 5000 में से 77 को माना अधिशेष

Wednesday, July 10, 2019 02:15 AM

जोधपुर । स्टाफिंग पैटर्न के आधार पर शिक्षकों को अधिशेष मानते हुए रिक्त पदों पर समायोजित करने के लिए काउंसलिंग बुधवार को राजकीय विशिष्ट पूर्व माध्यमिक विद्यालय शास्त्रीनगर में हुई। इस काउंसलिंग में अन्य विषयों के साथ ही सामाजिक विज्ञान लेवल 2 के 77 शिक्षकों की भी काउंसलिंग की गई। नियमानुसार तो इन शिक्षकों को स्टाफिंग पैटर्न के आधार पर जिले में उनके ही ब्लॉक में लेवल -2 के रिक्त पदों पर लगाया जाना था। जोधपुर ब्लॉक में सामाजिक विज्ञान का लेवल-2 का एकमात्र पद खाली था जिसे भर दिया गया। लेकिन अन्य शिक्षकों को ब्लॉक के लेवल वन के पदों पर ही समायोजित किया गया।


सवाल यह है कि जब लेवल वन के पदों पर ही इन्हें लगाना था तो भला स्टाफिंग पैटर्न के तहत उन्हें अधिशेष मानकर काउंसलिंग के लिए बुलाने की क्या आवश्यकता थी? दरअसल पिछली सरकार के दौरान स्टफिंग पैटर्न के तहत सामाजिक विज्ञान के पद खाली नहीं होने से करीब 5000 शिक्षकों को जिले में लेवल 2  की जगह लेवल वन के पदों पर लगाया गया था। इन 5000 शिक्षकों में से मात्र 77 शिक्षकों को ही काउंसलिंग के लिए बुलाया गया। इसमें भी वरिष्ठता के आधार पर बुलाने की बजाए बिना किसी मापदंड के शिक्षकों को बुलाया गया। इस संबंध में शिक्षक संगठनों द्वारा शिक्षा अधिकारियों से पूछे जाने पर वह केवल उच्चस्तरीय आदेशों का हवाला देते रहें। वरिष्ठता क्रम के अनुसार नहीं बुलाए जाने के बारे में वे कोई संतुष्टिजनक जवाब नहीं दे पाए।


दिन भर हुए परेशान
विभाग की ओर से सभी शिक्षकों को काउंसलिंग के लिए सुबह 9 बजे विद्यालय में उपस्थित होने के लिए कहा गया। वहीं सुबह सबसे पहले लेवल वन विशेष फिर सामान्य शिक्षकों के पदों पर काउंसलिंग हुई। इसके बाद प्रबोधको, शारीरिक शिक्षकों और फिर लेवल 2 के विषय वार अधिशेष शिक्षकों की काउंसलिंग हुई। लेवल 2 की काउंसलिंग शाम को चार बजे शुरू हो सकी। ऐसे में विषयवार काउंसलिंग के लिए अलग समय नहीं दिए जाने से शिक्षकों को दिन भर गर्मी में परेशान होना पड़ा। सुबह 9 बजे काउंसलिंग के लिए पहुंचे शिक्षक शाम करीब सात बजे तक विद्यालय में ही मौजूद रहे।


छाया पानी की व्यवस्था नहीं
राजस्थान शिक्षक एवं पंचायती राज कर्मचारी संघ के जिला महामंत्री सुभाष विश्नोई ने काउंसलिंग स्थल पर छाया व पानी की व्यवस्था नहीं किए जाने पर रोष जताया। उन्होंने कहा कि विभाग को काउंसलिंग के दौरान छाया व पानी की व्यवस्था के लिए अलग से बजट मिलता है। इसके बाद भी काउंसलिंग स्थल पर पानी के कैंपर तक की व्यवस्था नहीं की गई। ऐसे में महिला शिक्षिकाओं के साथ आय छोटे बच्चे भी दिन भर परेशान हुए।