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Thursday 19th of September 2019
राजस्थान

रोड पर कब्जे, कॉलोनी में कॉमर्शियल गतिविधियां

Thursday, May 16, 2019 10:00 AM

जयपुर। शहर के कई इलाकों में बसने वाली नई कॉलानियों में जरूरतमंद भले ही अपने आशियाने का निर्माण करने में मेहनत की सारी पूंजी लगा रहा हो, लेकिन ऐसी कॉलोनियों में नियमों का पाठ पढ़ाकर अवैध वसूली के लिए की जाने वाली शिकायतों को लेकर जेडीए खुद भी परेशान है। ऐसा ही एक मामला है अजमेर रोड स्थित मोदी नगर का। इसमें भले ही नियमों का पाठ पढ़ाने वाले स्वयं अवैध निर्माण कर उसमें निवास कर रहे हों, लेकिन अब दूसरे को नियमों का पाठ पढ़ा रहे हैं और दूसरों का सहारा लेकर जेडीए में अवैध निर्माण की शिकायतें भी कर रहे हैं। जब शिकायतों की सच्चाई सामने आती है तो उसमें शिकायतकर्ताओं के चेहरे भी सामने आते हैं। मोदी नगर कल्याण एवं विकास समिति के अध्यक्ष एवं रिटायर्ड टाउन प्लानर हरनाम सिंह आजाद का कहना है कि कॉलोनी में 80 फीसदी से अधिक अवैध निर्माण है, जिनमें नियमों की अवहेलना करते हुए बिल्डिंग बायलॉज का उल्लंघन है।

कॉलोनी की 40 फीट चौड़ी सड़क पर लोगों ने कब्जा कर लिया है। अब यह सड़क लगभग तीस फीट की ही रह गई है। इससे स्थानीय निवासियों के साथ ही यहां आने-जाने वाले लोगों को परेशानी होती है। इसको लेकर प्रशासन को भी लिखा, लेकिन भ्रष्टाचार के चलते कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती है और धीरे-धीरे अवैध निर्माणों की संख्या बढ़ जाती है। मैं जिस अपार्टमेंट में रहता हूं, उसमें बिल्डर से फ्लैट लिया है। इसमें भी अवैध निर्माण है। अगर जेडीए इस पर कार्रवाई करे तो हमें कोई आपत्ति नहीं है। मोदी नगर कॉलोनी वर्ष 2002 में जेडीए से अनुमोदित है और यहां लगभग दो सौ भूखंड है। आजाद ने बताया कि कॉलोनी में केवल दो ही अपार्टमेंट है इनका जेडीए से नक्शा अनुमोदित है। इनमें से एक ने रोड पर कब्जा कर रखा है। इसमें वे स्वयं भी रहते हैं। इस पर जेडीए कोई कार्रवाई करता है तो हमें कोई आपत्ति नहीं है।

चल रहा है टेंट हाउस और आॅयल फैक्ट्री
कॉलोनी में अवैध निर्माणों के साथ ही कॉमर्शियल गतिविधियां भी धड़ल्ले से चल रही है। इन पर कोई रोक ना तो कॉलोनी के लोग लगा पा रहे हैं और ना ही सोसायटी की ओर से कार्रवाई कर रोकथाम की कोशिश की जा रही है। प्रशासन को कॉमर्शियल गतिविधियां की शिकायतें भी की गई, लेकिन इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है। इसके अलावा कॉलोनी के आवासीय मकानों में लोगों ने दुकानें खोल रखी हैं। जेडीए के अधिकारी शिकायतों के बाद मौके पर तो जाते हैं, लेकिन खानापूर्ति कर वापस आ जाते हैं। कॉलोनी में टेंट हाउस की फैक्ट्री के साथ ही आॅयल फैक्ट्री भी चल रही है।