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Tuesday 23rd of July 2019
टोंक

टोंक-सवाईमाधोपुर में सुखबीर जौनपुरिया और नमोनारयण मीणा में है सीधा मुकाबला

Friday, April 19, 2019 13:05 PM
सुखबीर सिंह जौनापुरिया और नमोनारायण मीणा (फाइल फोटो)

टोंक। टोंक-सवाईमाधोपुर संसदीय क्षेत्र से इस बार कांग्रेस व भाजपा प्रत्याशियों के बीच सीधा रौचक मुकाबला होता नजर आ रहा है और इस चुनाव में कांग्रेस नेता उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट और भाजपा में शामिल हुए कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला, सवाईमााधोपुर जिले की निवासी और दौसा से भाजपा प्रत्याशी जसकौर मीणा, देवली-उनियारा विधायक हरिश मीणा की प्रतिष्ठा दांव पर नजर आने लगी है, क्योकि भाजपा से गुर्जर समाज के प्रतिनिधित्व कर रहे भाजपा प्रत्याशी सांसद सुखबीर सिंह जौनापुरिया चुनाव मैदान है तो कांग्रेस से पूर्व मंत्री नमोनारायण मीणा चुनावी रण में है।

ऐसे में इस लोकसभा क्षेत्र में किसका जादू मतदाताओं पर चलेगा?  गौरतलब होगा कि टोंक संसदीय क्षेत्र में गुर्जर और मीणा समाज का बाहुल्य है, साथ ही अन्य जाति वर्गों का बाहुल्य होने के साथ गांवों व शहरों में छोटे छोटे समाज के मतदाता भी है। भाजपा व कांग्रेस दोनों ही राजनीतिक दलों के चाणक्य अपना अपना वोट पक्का मानते हुए जीत के पेश कर हैं। इधर दोनो ही प्रमुख दलों के प्रत्याशी गांवों में दौड़ धूप करने में लगे हैं और पूरी मेहनत ग्रामीण क्षेत्रों में कर रहे हैं।

भाजपा से वर्तमान सांसद सुखबीर सिंह जौनापुरिया जहां गांवों में जाकर अपने पांच सालों के विकास कार्यों की गाथा व पीएम नरेन्द्र मोदी के कामों को जनता के बीच रखकर जनसंपर्क कर रहे हैं और साफ शब्दों में कह रहे है कि वह कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला की हार का बदला इस लोकसभा चुनाव में नमोनारायण मीणा से लेकर करीब 2 लाख से अधिक मतों से विजय होंगे। तो वहीं कांग्रेस से उम्मीदवार नमोनारायण मीणा भी कमजोर पड़ते नजर नहीं आ रहे है और वह भी पूरे ताकत के साथ अपना मोर्चा संभाल कर गांवों में दस्तक दे रहे हैं।

कांग्रेस प्रत्याशी नमोनारायण मीणा ने अपने कार्यकाल में जनता के बीच रहकर उनके दुखदर्द में हमेशा शामिल होने, दोनों जिलों में विकास की गंगा बहाने के साथ हर वर्ग की सेवा की बात करते हुए जनता के बीच अपने कार्यकाल से जनता को अवगत करा रहे हैं। साथ ही भाजपा प्रत्याशी जौनापुरिया पर तंज कंसते नजर आ रहे हैं कि उनको तो केवल नेता जानते हैं और कार्यकर्ता तो उनको पहचानते तक नही हैं।

जौनापुरिया ने रेल का वादा पूरा तक नही किया पांच साल में। वही कांग्रेस प्रत्याशी नमोनारायण मीणा के भाई देवली उनियारा विधायक हरीश मीणा भी अपने भाई के लिए पूरी जी-जान से लगे है और उनके लिए भी यह चुनाव प्रतिष्ठा का सवाल बना हुआ है। टोंक-सवाईमाधोपुर संसदीय क्षेत्र से इस बार कांग्रेस के दिग्गज नेता व टोंक से भारी मतों जीत कर विधानसभा में उप मुख्यमंत्री के रुप में दस्तक देने वाले सचिन पायलट एवं गुर्जर आरक्षण के नेता कर्नल किरोड़ी बैंसला की प्रतिष्ठा साफ तौर से दांव पर नजर आ रही है। आखिर गुर्जर समाज का रुख क्या रहेगा ?

उनको पायलट व बैंसला कितना प्रभावित करते है। यह चर्चाएं आजकल बाजार में चुनावी चौपाल पर गर्म होने लगी है। इधर यह भी चर्चा है कि दौसा सीट से भाजपा ने जसकौर मीणा को प्रत्याशी बनाया है तो ऐसे में टोंक-सवाईमाधोपुर संसदीय क्षेत्र में मीणा समाज का रुख किस ओर होगा। मजेवाली बात यह है कि अन्य दलों व निर्दलीय प्रत्याशियों का इस चुनाव में कोई नाम लेने वाला अभी तक नजर नहीं आ रहा है।  खैर जो भी हो, चुनाव की तिथि नजदीक आने के साथ भविष्य में गर्भ में छिपनी बातें सामने आने लगेगी।

उल्लेखनीय होगा कि टोंक-सवाईमाधोपुर संसदीय के 8 विधानसभाई क्षेत्र में विधानसभा चुनाव 2018 में 6 सीट कांग्रेस, 1 भाजपा व 1 सीट निर्दलीय ने जीती थी। ऐसे में वर्तमान में 6 विधानसभा क्षेत्रो बामनवास, खंडार, सवाईमाधोपुर, टोंक, निवाई, देवली-उनियारा में कांग्रेस का दबदबा है तो एक सीट मालपुरा-टोडारायसिंह में भाजपा का तो गंगापुर में निर्दलीय विधायक है। लोकसभा चुनाव को लेकर विधानसभा क्षेत्रो में मतदाताओं के बीच चल रही चर्चाओं में है कि विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने बढ़त हासिल की है, यह बढ़त कांंग्रेस किस प्रकार बराबर रखकर कांंग्रेस को जिताती है। या फिर नरेन्द्र मोदी फैक्टर मतदाताओं को प्रभावित करता है।