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Thursday 22nd of August 2019
खेल

विनेश और सरिता को रजत, साक्षी ने जीता कांस्य

Monday, August 12, 2019 13:25 PM
महिला पहलवान विनेश फोगाट।

नई दिल्ली। राष्ट्रमंडल और एशियाई खेलों की स्वर्ण पदक विजेता महिला पहलवान विनेश फोगाट को बेलारूस की राजधानी मिंस्क में अलेक्जेंडर मेदवेद इंटरनेशनल ग्रां प्री कुश्ती टूर्नामेंट के अंतिम दिन रविवार को रजत पदक से संतोष करना पड़ा जबकि सरिता ने रजत और साक्षी मालिक ने कांस्य पदक जीता। विनेश फोगाट 53 किग्रा वर्ग के फाइनल मे रूस की मलयशेव से 0-10 से तकनीकी श्रेष्ठता के आधार से पराजित हुईं और उन्हें रजत मिला। विनेश ने इस सत्र में स्पेन ग्रां प्री, यासर दोगु इंटरनेशनल और पोलैंड ओपन में स्वर्ण पदक जीते थे।

हरियाणा के सोनीपत जिले के बरोदा गांव की सरिता मोर भी 57 किग्रा में अपना फाइनल मुकाबला मेजबान देश बेलारूस के खिलाफ तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर 2-12 अंकों से हार गई। विशेष बात यह रही कि दोनों ही महिला पहलवानों ने गटरेंज तकनीक खाकर फाइनल मुकाबला गंवाया। दोनों को रजत पदक से संतोष करना पड़ा। भारत के लिए खुशी का अवसर तब आया जब ओलंपिक कांस्य पदक विजेता साक्षी मलिक कांस्य के मुकाबले में रूस की कजयमोवा के मैट आते ही ताबड़तोड़ हमले बोले और कजयमोवा को 6-4 से शिकस्त दी। साक्षी इससे पहले सेमीफाइनल में हंगरी की एम सस्टिन के खिलाफ 5-4 से आगे होने के बावजूद आखिरी क्षणों में अंक देकर मात खा गईथीं। इससे पहले पिंकी ने 55 किग्रा में रजत, रानी ने 72 किग्रा में रजत और नवजोत ने 65 किग्रा में कांस्य पदक जीता था।

भारतीय महिला कुश्ती टीम के पूर्व कोच कृपाशंकर ने इस प्रदर्शन पर कहा कि भारतीय महिला कुश्ती टीम को गटरेंज कुश्ती पर और अधिक काम करने की आवश्यकता है। कृपाशंकर ने कहा कि विपक्षी महिला पहलवान के नीचे आने के बाद हमारी लड़कियां आसानी से गटरेंज तकनीक पर अंक गंवा देती है। हमारी महिला पहलवान गटरेंज तकनीक के डिफेंस पोजीशन पर विदेशी पहलवानों के सामने बहुत ही निर्बल साबित हुई हैं। हमें समय रहते इस दिशा में काम करने की आवश्यकता है।