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Thursday 19th of September 2019
जालोर

समीक्षा बैठक में छाए रहे अधूरे कार्य व बिजली-पानी की व्यवस्था के मुद्दे

Tuesday, June 11, 2019 00:25 AM

जालोर। कलेक्ट्रेट सभा कक्ष में ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज संस्था द्वारा संचालित विभिन्न विकास योजनाओं यथा सांसद व विधायक निधि योजना, महात्मा गांधी नरेगा योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छता अभियान एवं एसफसी तथा टीएफसी आदि योजनाओं के तहत स्वीकृत कार्यो की प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में उपस्थित विकास अधिकारियों, अभियन्ताओं एवं सम्बन्धित जिला स्तरीय अधिकारियों को सम्बोधित करते हुए कलक्टर महेन्द्र सोनी ने कहा कि विकास कार्यों से जुड़ी हुई सभी एजेन्सियां स्वीकृत बजट का पूर्ण उपयोग करने के साथ ही कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देते हुए निर्धारित समय अवधि में कार्यों को पूर्ण किये जाने की सुनिश्चितता करें।


उन्होंने कहा कि योजनाओं के तहत कार्य की स्वीकृति से लेकर कार्य पूर्ण होने तक तथा उसका उपयोगिता प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने तक के कार्य के प्रति विकास एजेन्सियां पूर्ण गंभीरता से कार्य करें। वहीं निर्माण कार्य निर्धारित मानदण्ड के अनुसार किया गया है या नहीं इसके लिए भी पूर्ण सावधानी बरतते हुए समय-समय पर उसकी जांच भी करते रहें। उन्होंने उपस्थित विकास अधिकारियों को अपनी कार्य विधि में सुधार लाने के निर्देश देते हुए कहा कि वे विकास कार्यों में छोटी-छोटी बातों का भी ध्यान रखे जैसे-भवन निर्माण के दौरान शौचालय में पानी के नल लगे हुए है या नहीं, यदि लगे हुए हैं तो उसमें पानी आ रहा है या नहीं तथा निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद मलबा हटाया है या नहीं इन सभी बिन्दुओं पर भविष्य में विशेष ध्यान रखें।


अधूरे कार्यों को जल्दी करें पूरा
उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि वे विभिन्न योजनाओं के तहत अधूरे कार्यों को प्रथम प्राथमिकता देते हुए पूर्ण करें। साथ ही यदि किसी स्थान विशेष पर कोई विवाद है तथा कार्य प्रारंभ करने की स्थिति नहीं है, तो उसे नियमानुसार निरस्त करवाकर उसके स्थान पर दूसरा कार्य स्वीकृत करवायें। बैठक में मुख्य कार्यकारी अधिकारी अशोक कुमार ने पंचायतराज विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की विस्तार से जानकारी ली तथा उपयोगिता प्रमाण पत्र शीघ्र ही प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।


बिजली-पानी की व्यवस्था रखें सुचारु
कलेक्टर सोनी ने जलदाय विभाग के अभियन्ताओं को कहा कि वर्तमान में भीषण गर्मी का दौर चल रहा है। इसलिए मानवीय संवेदनाओं को भी ध्यान में रखते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति करवाये तथा मांग के अनुसार दूरस्थ ग्रामों व ढाणियों में पानी के टेंकरों से पानी पहुचानें का कार्य करें। इसमें संबंधित क्षेत्रों के सरपंचों एवं जन प्रतिनिधियों का भी यथेष्ट सहयोग लिया जाये। उन्होंने डिस्कॉम के अभियन्ताओं को निर्देश दिए कि जलदाय विभाग के जल स्त्रोंतों पर प्रथम प्राथमिकता से विद्युत कनेक्शन जोडें ताकि लोगों को राहत मिल सके। उन्होंने जलदाय एवं डिस्कॉम के अधिकारियों को कहा कि वे अपने-अपने क्षेत्र में पानी एवं बिजली से सम्बन्धित आने वाली शिकायत का तत्काल निराकरण करें। साथ ही अपने कार्यालय के कन्ट्रोल रूम एवं अधिकारियों के मोबाइल नंबरों का भी प्रचार-प्रसार करें।


ये रहे मौजूद
बैठक में अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी रामचन्द्र गरवा, डिस्कॉम के अधीक्षण अभियन्ता पी.सी. टांक, जलदाय विभाग के अधीक्षण अभियन्ता ताराचन्द कुलदीप, सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिशाषी अभियन्ता शांतिलाल सुथार, लेखाधिकारी रमेश वर्मा एवं अधिशाषी अभियन्ता तेजाराम चौधरी सहित सभी विकास अधिकारी तथा सहायक एवं कनिष्ठ अभियन्ता आदि उपस्थित थें।