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Thursday 19th of September 2019
सिरोही

निजी जल प्रतिष्ठानों की जांच, सरकारी सप्लाई का कोई मापदंड नहीं

Tuesday, June 11, 2019 00:35 AM

सिरोही। जिला मुख्यालय पर शुद्ध आरओ पानी के नाम से बैचे जा रहे पानी को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने कार्यवाही करते हुए तीन प्रतिष्ठानों से पानी के सैम्पल लेकर जांच के लिए भेजे है। शहर में लगातार आरओ पानी की शुद्धता को लेकर प्रश्न चिह्न लग रहे है कि जलदाय विभाग के पास भी शहर में पीने का पानी पर्याप्त मात्रा में नहीं होने से कुंए व नए ट्यूबवेलों का सहारा लेकर शहरवासियों को तीन से चार दिन के अंतराल में पानी सप्लाई किया जा रहा है।


इधर मंगलवार को जिला कलक्टर सुरेन्द्र कुमार सोलंकी व मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश कुमार के निर्देश पर शहर में बिकने वाले आरओ पानी की शुद्ध गुणवत्ता की जांच के लिए सैम्पल लिए जाकर संबंधित प्रतिष्ठान मालिकों के विरुद्ध कार्यवाही अमल में लाने के लिए फ्रूड इंस्पेक्टर विनोद कुमार को निर्देशित किया, जिस पर फ्रूड इंस्पेक्टर विनोद कुमार ने जीवन धारा ड्रिकिंग, तंजल इक्वा व सनराइज ड्रिकिंग वॉटर आरओ का सैम्पल लिए जाकर जांच के लिए भेजा है। जांच रिपोर्ट आने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी। उनका कहना था कि बचे हुए अन्य आरओ वॉटर सप्लाई प्रतिष्ठानों पर भी यह कार्यवाही की जाएगी।


सरकारी पानी की कौन करेगा जांच?
जिला मुख्यालय पर पिछली बारिश की कमी का दर्द झेल रही जनता को चार दिन के अंतराल में विभाग द्वारा पानी दिया जा रहा है। साथ ही टैंकरों के माध्यम से वार्डों में लोगों को पानी सप्लाई किया जा रहा है। बोरिंग के माध्यम से सप्लाई किए जाने वाले इस पानी की गुणवत्ता को जांचने वाला कौन है? टैंकर मालिक पानी की गुणवत्ता व उसके स्वाद से कोई वास्ता नहीं रख रहे है ओर केवल ज्यादा से ज्यादा टैंकर सप्लाई कर अपनी दिहाड़ी खड़ी करने में लगे है। वहीं विभागीय सप्लाई की बात करे तो सभी जलाशय सूखे होने के कारण बोरिंग का पानी ही सप्लाई किया जा रहा है, जिसमें फिका व खारापन महसूस होता है ओर इसके टीडीएस व गुणवत्ता की विभाग की ओर से कोई गारंटी नहीं ली जा रही है।