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Sunday 21st of July 2019
पाली

जवाई पुनर्भरण योजना को बजट में शामिल नहीं करना जनता के साथ सौतेला व्यवहार : राठौड़

Wednesday, July 10, 2019 00:35 AM

पाली । पूर्व सरकारी उप मुख्य सचेतक मदन राठौड़ ने राज्य सरकार के बजट को ‘कागजों का पुलिन्दा’ बताते हुए निराशाजनक बताया। राठौड़ ने कहा कि गहलोत ने अपने बजट भाषण में यह नही बताया कि यह सभी घोषणाऐं इसी वित्तीय वर्ष में लागू होगी, बल्कि बार-बार यह कहा कि भविष्य में लागू होगी। उन्होंने कहा कि गहलोत ने जवाई पुनर्भरण योजना को बजट में शामिल नहीं कर पाली जिले के साथ सौतेला व्यवहार किया गया है। पूर्व सरकार ने 6 हजार करोड़ स्वीकृत किए गए थे, जिसे रोक दिया गया। नदी जोड़ों की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया। बजट भाषण में सबको पानी देने की बात की, मगर पानी आएगा कहां से?


गली-मोहल्ले में अस्पताल की बात की मगर उसके लिए कोई संशाधन का प्रावधान नहीं। हर पंचायत पर नन्दी शालाएं खोलने की घोषणाएं की, मगर गौशालाओं के अनुदान का प्रावधान नहीं। राज्य में निवेश लाने की कोई योजना नहीं, राज्य में बढ़ रही घटनाओं के बाबजूद महिला सुरक्षा के लिए बजट में कोई प्रावधान नहीं,  बजट में गहलोत ने पेट्रोल-डीजल पर वैट बढ़ाने के साथ ही जमीनों की डीएलसी दरें बढाने से जनता पर भार बढाया है। राठौड़ ने कहा कि मुख्यमंत्री गहलोत ने बजट में राज्य के आधारभूत विकास का कोई प्रावधान न कर, केन्द्र सरकार के आधारभुत विकास कार्यों को ही अपना दिखाने की कोशिश की है।


राठौड़ ने राज्य की कांग्रेसनित सरकार पर विकास कार्यो में रोड़े अटकाने का आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा शासन में स्वीकृत सड़क, पेयजल एंव बिजली विकास कार्यो को प्रदेश की वर्तमान कांग्रेस सरकार ने राजनैतिक द्धैषता से रोक दिया है, जिस कारण सड़कों, पूलों सहित पेयजल योजनाओं के कार्य बजट के अभाव मे अधुरे बन्द पड़े है, जिससे जनता परेशान हो रही है। अपने आपको किसान हितेषी बताने वाली कांग्रेस सरकार ने किसानों के साथ भी वादा खिलाफी की है, दस दिन में किसानों का ऋण माफी करने वाले कांग्रेस नेता इस्तीफा - इस्तीफा का खेल खेल रहे है।